Nami daanam ke aakhir chu.n dam e deedaar mi raqsam

नमी-दानम कि आख़िर चूँ दम-ए-दीदार मी-रक़्सम
मगर नाज़म बा-आँ ज़ौक़े कि पेश-ए-यार मी-रक़्सम

तू हर-दम मी-सराई नग़्मा व हर-बार मी-रक़्सम
ब-हर तर्ज़े कि मी-रक़्सानी-अम ऐ यार मी-रक़्सम

सरापा बर सरापा-ए-ख़ुदम अज़ बे-ख़ुदी क़ुर्बां
बगिर्द-ए-मर्कज़-ए-ख़ुद सूरत-ए-परकार मी-रक़्सम

ख़ुशा रिंदी कि पामालश कुनम सद पारसाई रा
ज़हे तक़्वा कि मन बा-जुब्बा-ओ-दस्तार मी-रक़्सम

तू आँ क़ातिल कि अज़ बहर-ए-तमाशा ख़ून-ए-मन रेज़ी
मन आँ बिस्मिल कि ज़ेर-ए-ख़ंजर-ए-खूँ-ख़ार मी-रक़्सम

बया जानाँ तमाशा-बीँ कि दर अंबोह-ए-जाँ-बाज़ाँ
ब-सद सामान-ए-रुस्वाई सर-ए-बाज़ार मी-रक़्सम

अगरचे क़तरः-ए-शबनम न पायद बर-सर-ए-ख़ारे
मनम आँ क़तरः-ए-शबनम ब-नोक-ए-ख़ार मी-रक़्सम

मनम ‘उस्मान-ए-हारूनी’ कि यार-ए-शैख़ मन्सूरम
मलामत मी-कुनद ख़ल्क़े व मन बर दार मी-रक़्सम <br> <h3>Auto Generated Captions</h3>

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